सिनेमामनोरंजनरीवा

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फिल्म एवं नाट्य महोत्सव की हुईं शुरुआत

Chitrangan International Film and Drama Festival started in Rewa

रीवा

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फिल्म एवं नाट्य महोत्सव की शुरुआत रीवा मध्यप्रदेश स्थिति कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में हुई,
इस दौरान फिल्म अभिनेता कुमुद मिश्रा, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल, सीईओ जिला पंचायत रीवा सौरभ सोनवाने, कमिश्नर नगर निगम रीवा संस्कृति जैन, वरिष्ठ साहित्यकार गिरजा शंकर, सत्यदेव त्रिपाठी, योगेश त्रिपाठी, समाजसेवी विभू सूरी, अशोक सिंह, आनन्द सिंह महाराज ग्रुप, उपस्थित रहे.

उद्घाटन समारोह में रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि चित्रांगन फिल्म एवं नाट्य महोत्सव आयोजन की तैयारी काफी दिनों से चल रही थी आज जिसका शुभारंभ हुआ है । रीवा के युवा कलाकारों की मेहनत का फल है जो यह आयोजन इतने बेहतर ढंग से शुरू हो रहा है । रंग उत्सव समिति की पूरी टीम को बधाई आपने शहर के बौद्धिक विकास हेतु जो प्रयास किया वह क़ाबिले तारीफ है । रीवा जिले में आयोजित इस महोत्सव में सभी अथितियों का स्वागत करती हूं यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन हम सभी का है हमारी कोशिश रहेगी कि सभी कलाकार एवं अतिथि हमारी मेहमान नवाजी और व्यवस्था से संतुष्ट होकर जाएं । रीवा जिले की कला संस्कृति की समृद्धि में यह मील का पत्थर साबित होने वाला आयोजन है । शहर का विकास चहुमुखी तभी होगा जब इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बौद्धिक तथा साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले रीवा में इस प्रकार का आयोजन समग्र विकास की झलक दिखता है ।
उद्घाटन सत्र में ही अपने संदेश में कुमुद मिश्रा ने कहा कि रंग उत्सव नाट्य समिति द्वारा चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फिल्म एवं नाट्य महोत्सव में आना मेरे लिए दोहरी खुशी देने वाला अवसर है । मैं रीवा नाटक की प्रस्तुति देने पहली बार आया हूँ यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है क्योंकि देश विदेश प्रस्तुति देने के बाद अपने खुद के शहर में प्रस्तुति देने का अवसर अभी मिला है । दूसरी खुशी यह है कि अंकित मिश्रा, शुभम पण्डेय जैसे युवा कलाकार अपने बड़ो के सामंजस्य से इतना बड़ा आयोजन कर रहे हैं । युवा साथी इस विधा के संरक्षण हेतु इतने सक्रिय हैं देखकर मन आनंदित हो गया है ।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में स्वागत उद्बोधन में अंकित मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है जो 23 तारीख को सम्पन्न होगा । इस हेतु सभी सहयोगियों को धन्यवाद ।

चित्रांगन महोत्सव के पहले दिन प्रथम सत्र की शुरुआत फिल्म प्रदर्शन के साथ हुई । पहली फिल्म बाल कलाकार एवं दर्शकों को मद्दे नजर रखते हुए प्रस्तुत हुई जिसका नाम था सोनी की स्कूटी इस दौरान विभिन्न विद्यालय से आए नन्हे बच्चों ने भरपूर मनोरंजन मिला ।

विशेषज्ञ चर्चा -:

मास्टर क्लास के तहत कुमुद मिश्रा, अमितेश कुमार, सत्यदेव त्रिपाठी, गिरजा शंकर रविन्द्र त्रिपाठी ने कलाकरों की जिज्ञासा को सुना और सार्थक जबाब दिया ।

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फिल्म एवं नाट्य महोत्सव की पहली शाम अतिथि दीर्घा में व्यंकटेश पण्डेय अध्यक्ष नगर निगम रीवा, पार्षद सतीश सिंह, समीर शुक्ला, अंबुज रजक, ज्योति प्रदीप सिंह सहित शहर के कलाप्रेमी दर्शक भारी संख्या में मौजूद रहे ।

रंग उत्सव नाट्य समिति रीवा द्वारा यह महोत्सव विगत चार वर्षों से आयोजित किया जा रहा है. जिसमे फिल्म,नाटक,संगीत, आर्ट क्राफ्ट, तथा पुस्तक मेला भी शामिल है. चित्रांगन कि शुरुआत फिल्मों के प्रदर्शन से हुई तथा शाम को देश के ख्यातिप्राप्त कलाकर कुमुद मिश्रा, सुब्रज्योति बरात, द्वारा सुमित व्यास के निर्देशन में नाटक पुराने चावल की जीवंत प्रस्तुति दी है.

नाटक पुराने चावल की चर्चा-:

चित्रांगन महोत्सव में मंचित नाटक पुराने चावल में मंच को मधुर रोशनी से सजाया गया था. जिसमे लिविंग रूम के वातावरण को दर्शाया गया. दृश्य में एक बुजुर्ग व्यक्ति एक गद्देदार सिंगल-सीटर सोफे पर बैठा हुआ है। खुशाल मेहंदी टीवी पर एक कर्कश कार्यक्रम से चिपके हुए हैं क्योंकि उनके पास करने के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं है। जब टीवी ब्लिंक हो जाता है तो वह असहाय हो जाता है। अपनी उम्र के अधिकांश नागरिकों की तरह, वह नए उपकरणों को संभालने में बहुत कुशल नहीं है, जिसमें सोफा भी शामिल है, जिसमें एक लेग रेस्ट है जो अनजाने में उसके किनारे पर एक बटन दबाने पर अचानक बाहर निकल जाता है। उनकी मेज़ पर रखा फ़ोन एक काले रंग का लैंडलाइन है जिससे वह छोटे-मोटे काम निपटा लेते हैं। यह दृश्य पुराने चावल के लिए सेट है , जो नील साइमन की कॉमेडी, सनशाइन बॉयज़ का एक शानदार भारतीय रूपांतरण है, जो डी फॉर ड्रामा द्वारा निर्मित और रीवा जिले के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में सुमीत व्यास के निर्देशिन में हुआ.

बॉलीबुड के मंझे हुए कलाकार कुमुद मिश्रा और शुभ्रज्योति बरत की मुख्य भूमिका के साथ, पुराने चावल दो ऐसे अभिनेताओं के बारे में है जो अपने चरम को पार कर चुके हैं. एक समय, मेहंदी और विजय दास ने हास्य अभिनेताओं के रूप में सर्वोच्च स्थान हासिल किया था. बीच के घटनाक्रम ऐसे हुए की इनको वह कार्य छोड़ना पड़ा लेकिन दस साल बाद, वह अभी भी जाने की तैयारी कर रहा है और थिएटर, सिनेमा या यहां तक ​​कि विज्ञापनों में भूमिकाओं की पेशकश के साथ फोन बजने का बेसब्री से इंतजार करता है।

एक दिन टीवी, चाय और सिगरेट की एकरसता को तोड़ते हुए एक ऑफर आता है। एक बिजनेस टाइकून ने एक सांस्कृतिक केंद्र खोला है जहां वे वीडी, पुराने चावल के साथ अपने लोकप्रिय शो को पुनर्जीवित करना चाहते हैं । रोमांचित होने के बावजूद मेहंदी अपना उत्साह जाहिर नहीं होने देते1 क्योंकि वीडी के प्रति उनकी पुरानी शिकायत आड़े आ रही है। इसके बाद मीठी नोक झोंक होती है तथा दोनों अपनी शर्त में अलग-अलग प्रतिभा दिखाने का प्रयास करते हैं . यह घटनाक्रम बहुत रोचक हो जाता है.

नाटक पुराने चावल हिंदी में ज़बरदस्त संवादों के साथ भारतीय परिदृश्य में हास्य का अनुभव करवाता है। इसके संवाद न केवल समय की कसौटी पर खरे उतरते हैं बल्कि हर बार प्रदर्शन के बाद नए अर्थ तक जाते हैं. नाट्य दल ने किरदारों को आम तौर पर भारतीय अहसास देने के लिए उनके रिश्तों को भी उजागर किया है. यह नाटक न केवल कलाकारों के आपसी झगड़ों से मनोरंजन करता है, बल्कि तत्कालीन नर्सों, कर निरीक्षकों, डॉक्टरों, लेखकों आदि के बारे में कई महत्वपूर्ण और चिंता जनक पहलुओं को उजागर करते हुए मनोरंजन भी करता है।

चित्रांगन महोत्सव में प्रस्तुत नाटक पुराने चावल अपने नाम के अनुरूप ही पुराने वाले चावल की तरह कोमल और रोएँदार रहा रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में रंग उत्सव द्वारा आयोजित महोत्सव में नाटक पुराने चावल पूरे समय दर्शकों का मनोरंजन करता रहा.

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फिल्म एवं नाट्य महोत्सव में द्वितीय दिवस आप देखेंगे विश्व प्रसिद्ध हनुमान लीला प्रस्तुति दल रंग उत्सव नाट्य समिति और तीसरे दिन कबीर कैफ़े की मियूजिकल प्रस्तुति आपके मनोरंजन के लिए होनी है. साथ ही तीनो दिन आर्ट क्रॉफ्ट तथा पुस्तक मेला भी संचालित रहेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button