पाकिस्तानअंतरराष्ट्रीय

पाक की एक अल्पसंख्यक महिला ने सेना में महत्वपूर्ण योगदान देकर इतिहास रचा

A minority woman from Pakistan created history by making a significant contribution to the army

 

पाक की एक अल्पसंख्यक महिला ने सेना में महत्वपूर्ण योगदान देकर इतिहास रचा।

 

पाकिस्तानी सेना में पहली बार किसी अल्पसंख्यक महिला को फौज के बड़े पद पर प्रोमोट किया गया है। ईसाई महिला अधिकारी हेलेन मैरी रॉबर्ट्स को ब्रिगेडियर के ओहदे पर पदोन्नत किया गया है। वह अल्पसंख्यक समुदाय से वन-स्टार जनरल रैंक तक पहुंचने वाली पहली महिला बन गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सेना चिकित्सा कोर में सेवारत हेलेन मैरी रॉबर्ट्स उन अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें चयन बोर्ड ने ब्रिगेडियर और पूर्ण कर्नल के रूप में पदोन्नत किया।

 

उन्होंने 26 वर्षों तक आर्मी मेडिकल कोर में पैथोलॉजिस्ट के रूप में काम किया है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने उन्हें पाकिस्तानी सेना में “योग्यता और राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व का एक और जीवंत उदाहरण” करार दिया। ब्रिगेडियर रॉबर्ट्स से पहले मेजर जनरल निगार जौहर ने जून 2020 में लैंगिक बाधाओं को तोड़ते हुए लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत होने वाली देश की पहली महिला अधिकारी बनकर पाकिस्तान सेना की पहली महिला सर्जन जनरल बनीं थीं।

 

पीएम शहबाज ने दी बधाई

 

पिछले साल रावलपिंडी के क्राइस्ट चर्च में क्रिसमस समारोह के दौरान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने पाकिस्तान के विकास में ईसाई समुदाय की भूमिका की सराहना की थी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और परोपकार के साथ-साथ राष्ट्रीय रक्षा को बढ़ावा देने में इनके योगदान का हवाला दिया था। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रॉबर्ट्स को उनकी पदोन्नति पर बधाई दी।

 

ब्रिगेडियर के पद पर प्रोमोट

 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, “ब्रिगेडियर रॉबर्ट्स, पाकिस्तानी ईसाई समुदाय की सदस्य हैं और उन्होंने यह प्रतिष्ठित पद हासिल करने वाली अल्पसंख्यक पृष्ठभूमि की पहली महिला बनकर इतिहास रच दिया है।” उन्होंने रॉबर्ट्स की कड़ी मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की। शहबाज शरीफ ने कहा कि इससे यह भी साबित हो गया कि पाकिस्तानी महिलाएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश को ब्रिगेडियर रॉबर्ट्स और अल्पसंख्यक समुदायों से उनके जैसी हजारों मेहनती महिलाओं पर गर्व है, जो देश की सेवा कर रही हैं।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button