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दक्षिण और उत्तर कोरियो में गुब्बारों के बदले लाउड स्पीकर के लिए एक अनोखी लड़ाई

A unique battle for loudspeakers instead of balloons in South and North Korea  

 

दक्षिण और उत्तर कोरियो में गुब्बारों के बदले लाउड स्पीकर के लिए एक अनोखी लड़ाई

 

दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया से सटे बॉर्डर में लाउड स्पीकर लगाकर पड़ोसी देश के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने का फैसला किया है। दक्षिण कोरिया के इस फैसले से दोनों देशों की बीच हालात और बिगड़ सकते हैं। इससे पहले 2015 में दक्षिण कोरिया की तरफ से ऐसा किया गया था और इससे भड़के उत्तर कोरिया ने गोले दागे थे। दक्षिण कोरिया ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। हालांकि, किसी की मौत नहीं हुई थी। अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ रहे हैं।

 

दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया लंबे समय से एक-दूसरे के दुश्मन बने हुए हैं और एक-दूसरे के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाते रहते हैं। दक्षिण कोरिया की तरफ से गुब्बारों के जरिए पर्चे भेजे गए थे, जिनमें उत्तर कोरिया के खिलाफ बातें लिखी हुई थीं। इसके जवाब में उत्तर कोरिया ने कचरे से भरे 1000 से ज्यादा गुब्बारे दक्षिण कोरिया भेजे हैं। अब इसका जवाब देने के लिए दक्षिण कोरिया ने बॉर्डर पर लाउड स्पीकर के जरिए उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने का फैसला किया है।

 

लाउड स्पीकर में क्या बजेगा?

सियोल के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक चांग हो-जिन की अध्यक्षता में एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक के बाद अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में लाउडस्पीकर बनाने और प्रसारण शुरू करने पर सहमति व्यक्त की। दक्षिण कोरिया दोनों देशों के बीच सीमा पर के-पॉप संगीत, बाहरी समाचार और प्योंगयांग विरोधी प्रसारण के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग कर सकता है। पर्यवेक्षकों के अनुसार, उत्तर कोरिया इन प्रसारणों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है।

 

2015 में उत्तर कोरिया ने दागे थे गोले

दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अनुसार, 2015 में, जब दक्षिण कोरिया ने 11 वर्षों में पहली बार लाउडस्पीकर प्रसारण फिर से शुरू किया, तो उत्तर कोरिया ने सीमा पार से तोप के गोले दागे, जिसके कारण दक्षिण कोरिया ने जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया कि कोई भी हताहत नहीं हुआ।

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