Uncategorized

पाकिस्तान के IMF लोन और JF-17 फाइटर जेट पर ख्वाजा आसिफ के दावे: कितने सही?

 

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चीन में बने JF-17 थंडर फाइटर जेट को लेकर दावा किया कि बीते कुछ महीनों में उसके ऑर्डर में बढ़ोतरी देखने को मिली है. उन्होंने दावा किया कि अगले छह महीने के बाद पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से वित्तीय सहायता लेने की जरूरत नहीं पड़ सकती है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के दावे में कितनी सच्चाई है.

ख्वाजा आसिफ ने क्या दावा किया? 

पाकिस्तान के जियो न्यूज को दिए इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने दावा किया, ‘हमारे फाइटर जेट का परीक्षण हो चुका है और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि अगले 6 महीने में IMF की जरूरत नहीं पड़ेगी.’ ख्वाजा आसिफ का बयान ऐसे समय में आया है जब IMF की शर्त के कारण पाकिस्तान पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा.

आईएमएफ के भरोसे चल रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान वर्तमान में 7 अरब डॉलर के आईएमएफ कार्यक्रम के तहत खुद को किसी तरह बचाए हुए है. यह 3 अरब डॉलर के शॉर्ड टर्म एग्रीमेंट के बाद शुरू हुआ, जिसने 2023 में पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाया था. सऊदी अरब और अन्य खाड़ी सहयोगियों की ओर से वित्तीय और जमा राशि को बरकरार रखने के बाद पाकिस्तान को आईएमएफ का समर्थन प्राप्त हुआ. IMF ने कई सख्त शर्तों के साथ पाकिस्तान को यह लोन दिया है. इसमें राजकोषीय सुधार, सब्सिडी में कटौती और राजस्व सृजन संबंधी पहल शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान को कर्ज लेने के लिए लागू करना होगा.

कई देशों के साथ JF-17 को लेकर चल रही बात

हाल के महीनों में पाकिस्तान ने अपने रक्षा क्षेत्र में विस्तार किया है ताकि हथियारों का निर्यात बढ़ाया जा सके और घरेलू रक्षा उद्योग से कमाई की जा सके.  जेएफ-17 पाकिस्तानी सेना के वेपन डेवलपमेंट प्रोग्राम का आधार बना है. इसके तहत अजरबैजान और लीबियाई राष्ट्रीय सेना के साथ 4 अरब डॉलर की डिफेंस डील होने की खबर सामने आई, जो पाकिस्तान के अब तक के सबसे बड़े डिफेंस डील में से एक है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ जेएफ-17 फाइटर जेट की संभावित बिक्री पर भी बातचीत की है.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद सऊदी अरब से लिए 2 अरब डॉलर के कर्ज के बदले उसे जेएफ-17 फाइटर जेट देने की बातचीत में लगा हुआ है. एयर मार्शल और विश्लेषक आमिर मसूद ने रॉयटर्स को बताया कि पाकिस्तान छह देशों के साथ जेएफ-17 सहित उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और जेट के लिए वेपन सिस्टम की आपूर्ति के लिए बातचीत कर रहा है या डील को अंतिम रूप दे चुका है.

ख्वाजा आसिफ के दावों में कितना दम?

रिपोर्ट के मुताबिक ख्वाजा आसिफ के दावे पर पाकिस्तानी राजनीतिक लेखिका आयशा सिद्दीका ने कहा कि कहा कि PAK मंत्री उन कई पत्रकारों की तरह बात कर रहे हैं, जो रक्षा मामलों को कवर करना दावा करते हैं और विमान के पिछले हिस्से और पनडुब्बी के अगले हिस्से में अंतर नहीं बता सकते.

उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के पास JF-17 थंडर फाइटर जेट स्ट्रक्चर का लगभग 35 फीसदी हिस्सा है. इससे पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त धन नहीं बचता. उन्होंने दावा किया कि उत्पादन के बाद पाकिस्तान के पास इतना पैसा नहीं बचता जिससे वह आईएमएफ के कर्ज से उबर सके.’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button