तालिबान ने पिछले 7 दिनों में अफगानिस्तान के गजनी, हेरात सहित 11 शहरों में किया कब्ज़ा



तालिबान ने पिछले 7 दिनों में अफगानिस्तान के गजनी, हेरात सहित 11 शहरों में किया कब्ज़ा,, काबुल से 150 किमी दूर,,,,जल्द हो सकता है अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर भी कब्जा,, अमेरिकी सेना के हटने बाद से पहली बार ऐसे हालात निर्मित हुऐ हैं,,
वहीं इस मुद्दे को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम आशा करते हैं कि तत्काल युद्धविराम होगा हम अफगानिस्तान की सभी शांति पहलो का समर्थन कर रहे हैं हमारी प्राथमिक चिंता उस देश में शांति और स्थिरता है उन्होंने कहा कि तालिबान के साथ चर्चा पर हम सभी देशों के संपर्क में हैं वहीं भारत ने यह भी कहा है कि पिछले साल काबुल में हमारे मिशन ने अफगानिस्तान में हिंदू और सिख समुदाय को वापस लाने में मदद की थी हमारा मिशन अफगान हिंदू और सिख समुदाय के सदस्यों के संपर्क में बना हुआ है और हम उन्हें सभी आवश्यक सहायता का प्रावधान सुनिश्चित करेंगे अफगानिस्तान में कितने भारतीय है के सवाल पर बागची ने कहा हमारे पास संख्या नहीं है लेकिन हम सभी को लौटने की सलाह देंगे साथ ही यह भी कहा कि काबुल स्थित दूतावास को बंद नहीं किया जाएगा।,,,
वही सुरक्षा की दृष्टि से एडवाइजरी जारी करते हुए मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स इंडिया ने सुरक्षा की दृष्टि से भारतीय मीडिया को सलाह दी है कि वह किसी भी प्रकार की कवरेज हेतु अफगानिस्तान ना जाए,,यह ।
आपको बता दें कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास में अभी भी करीब 5500 कर्मचारी मौजूद है जिसको लेकर अब अमेरिका तालिबान से रहम की भीख मांग रहा है,कि वह अमेरिकी दूतावास पर हमला न करें,,,,वहीं अब अफगान सरकार तालिबान से युद्ध विराम कर हिस्सेदारी साझा करने की बात भी कर रही है।वही अंतरराष्ट्रीय मीडिया की बात करें तो अफगानिस्तान के 70% इलाकों में अब तालिबान का कब्जा हो चुका है यही वजह है कि अफगानिस्तान अब हिस्सेदारी साझा का प्रस्ताव रख रहा है।




