Lok Sabha चुनाव: विवेक बंटी साहू छिंदवाड़ा भारी? BJP कमलनाथ के गढ़ को भेदकर MP को क्लीन स्वीप करने वाली है?
Lok Sabha elections: Vivek Bunty Sahu is ahead in Chhindwara? Is BJP going to clean sweep MP by breaking Kamal Nath's stronghold?

Lok Sabha चुनाव: विवेक बंटी साहू छिंदवाड़ा भारी? BJP कमलनाथ के गढ़ को भेदकर MP को क्लीन स्वीप करने वाली है?
Chhindwara Exit Poll 2024: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. 4 जून को यानी कि कल फाइनल चुनावी नतीजे जारी हो जाएंगे, लेकिन इससे पहले एग्जिट पोल सामने आने से काफी हद तक मध्य प्रदेश के सियासी भविष्य की तस्वीर साफ नजर आ रही है. इस बीच छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. कमलनाथ का गढ़ कहे जाने वाले छिंदवाड़ा में इस बार कांग्रेस के ऊपर असमंजस के बादल मंडरा रहे हैं.
कमलनाथ के गढ़ को भेद पाएगी बीजेपी?
छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश की एकमात्र ऐसी सीट है, जहां 2019 में कांग्रेस का सांसद चुनाव गया था. अगर एक उपचुनाव को छोड़ दें तो 73 सालों से लगातार इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्जा है, वहीं 44 सालों से नाथ परिवार यहां की सत्ता में है. इस बार छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को मैदान में उतारा है, वहीं बीजेपी ने विवेक बंटी साहू को टिकट दिया है. दोनों के बीच में कांटे की टक्कर नजर आ रही है. बीजेपी ने इस सीट को जीतने के पूरा जोर लगाया है. एग्जिट पोल के सामने आने के बाद ऐसा लग रहा है कि बीजेपी कमलनाथ के गढ़ को भेदने में सफल हो सकती है.
छिंदवाड़ा में विवेक बंटी साहू भारी?
इंडिया टुडे एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट पर बीजेपी का पलड़ा भारी है. एग्जिट पोल के नतीजे सटीक साबित हुए तो बीजेपी पूरे मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर क्लीन स्वीप कर सकती है. बीजेपी को प्रदेश में 28-29 सीटें मिलती नजर आ रही हैं, जबकि कांग्रेस 0-1 पर रह सकती है. ऐसे में छिंदवाड़ा सीट पर पेंच फंसा हुआ नजर आ रहा है.
छिंदवाड़ा को जीतने बीजेपी ने लगाया पूरा जोर
छिंदवाड़ा कांग्रेस का किला माना जाता है, ऐसे में बीजेपी के लिए इस किले को भेदना मुश्किल नजर आता है. इस बार बीजेपी ने मिशन-29 का लक्ष्य रखा है. यानी कि छिंदवाड़ा समेत प्रदेश की सभी 29 सीटों पर बीजेपी जीत दर्ज करना चाहती है. यहां भाजपा ने पूरा जोर लगा दिया. बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने लगातार सभाएं की. इसके अलावा कई नेताओं ने लोकसभा चुनाव के दरम्यान कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया. हालांकि फाइनल नतीजे सामने आने के बाद ही क्लीयर हो पाएगा कि बीजेपी के दांव-पेंच का कितना फायदा मिला है.



