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भारी बजट और भारी नुकसान: ‘द राजा साब’ ने मेकर्स की कमर तोड़ दी

संक्रांति की छुट्टियों का फायदा उठाने के बावजूद, ‘ द राजा साब’  एक बड़ी फ्लॉप साबित हुई है. प्रभास की स्टारडम का भरपूर फायदा उठाते हुए फिल्म ने पहले दिन दमदार शुरुआत तो की थी लेकिन फिर ये उस रफ्तार को बरकरार नहीं रख पाई और इसका बंटाधार हो गया.अब आलम ये है कि रिलीज के 12वें दिन से इस फिल्म के लिए चंद लाख रुपये कमाने में भी पसीने छूट रहे हैं. चलिए यहां जान लेते हैं ‘द राजा साब’ ने रिलीज के 14वें दिन यानी दूसरे गुरुवार को कितनी कमाई की है?

‘द राजा साब’ ने 14वें दिन कितना किया कलेक्शन?
प्रभार की ‘ द राजा साब’ ने मेकर्स की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. हालांकि रिलीज से पहले फिल्म के बज को देखते हुए लग तो ऐसा रहा था कि ये बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी लेकिन सिनेमाघरों में रिलीज के बाद सारी तस्वीर साफ हो गई. पहले ते इसे क्रिटिक्स से निगेटिव रिव्यू मिला फिर ये फिल्म दर्शकों के भी पल्ले नहीं पड़ी.

फिल्म की कमजोर कहानी और निर्देशन की इतनी आलोचना हुई है कि ऑडियंस ने इसमें दिलचस्पी ही खो दी. थिएटर में खाली सीटें इस बात की गवाह हैं.वहीं शॉकिंग बात ये है कि रिलीज के दो हफ्ते बाद भी ये मोटे बजट में बनी फिल्म अपनी लागत का 50 फीसदी भी नहीं वसूल पाई है और तो इसके लिए मुट्ठीभर कमाई करना भी बड़ा मुश्किल हो गया है. ऐसे में ये फिल्म अब अपने एंड पर पहुंच चुकी है.

  • इन सबके बीच फिल्म के कलेक्शन पर गौर करें तो ‘द राजा साब’ ने पहले हफ्ते में 130.25 करोड़ कमाए. इसके बाद 8वें दिन इसने 3.5 करोड़, 9वें दिन 3 करोड़, 10वें दिन 2.6 करोड़, 11वें दिन 1.35 करोड़, 12वें दिन 80 लाख और 13वें दिन 50 लाख का कलेक्शन किया.
  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘द राजा साब’ ने रिलीज के 14वें दिन 51 लाख रुपये कमाए हैं.
  • इसी के साथ ‘द राजा साब’ की 14 दिनं की कुल कमाई अब 142.71 करोड़ रुपये हो गई है.

‘द राजा साब’ से मेकर्स को हुआ कितना घाटा
तेलुगु की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ 400 करोड़ के बजट में बनी थी, लेकिन 14 दिनों में ये सिर्फ 142.71 करोड़ रुपये की नेट कमाई कर पाई है. 64.48% के घाटे के साथ, फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर घोषित चुकी है. टॉलीवुड के लिए, यह हाल के समय की सबसे बड़ी असफलताओं में से एक है, और प्रभास के लिए, बाहुबली के बाद के दौर में राधे श्याम के बाद यह दूसरी बड़ी निराशा है.

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